सेना भर्ती के लिए ड्रग तक ले रहे कुछ युवा, राजीव गांधी स्टेडियम के ट्रैक पर पड़ी मिलीं सिरिंज और प्रतिबंधित दवाएं
शहर के राजीव गांधी खेल स्टेडियम में 10 से 20 फरवरी तक रोहतक, सोनीपत, पानीपत और झज्जर जिलों की सेना भर्ती होगी। इसमें करीब 23 हजार युवाओं के हिस्सा लेने की उम्मीद है। भर्ती से पूर्व हजारों युवा प्रतिदिन कड़ा अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन इन्हीं में से कुछ युवा ऐसे भी हैं, जो ड्रग (डॉक्टर की सलाह के बिना एथलीट के लिए प्रतिबंधित दवा) तक का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह बात हम नहीं कह रहे, बल्कि राजीव गांधी खेल स्टेडियम के ट्रैक पर पड़ी सिरिंज और प्रतिबंधित दवाओं के रैपर, टीके आदि बता रहेे हैं। वहीं, सेना के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि युवा प्रतिबंधित दवा लेकर भर्ती में शामिल न हों। ऐसे युवा किसी तरह फिजिकल पास कर भी लेते हैं तो वे मेडिकल में फेल हो जाएंगे और भविष्य में कभी भी सेना भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।
राजीव गांधी स्टेडियम में के ट्रैक के चारों ओर फैले पड़े सिरिंज
अमर उजाला संवाददाता जब राजीव गांधी स्टेडियम पहुंचा तो वहां ट्रैक नंबर एक पर चारों ओर सिरिंज और ताकत बढ़ाने की दवाइयों के टीकों की खाली बोतल फैली पड़ी नजर आई। वहां प्रैक्टिस कर रहे युवाओं ने बताया कि कुछ दिन पहले ट्रैक पर यह हाल नहीं था, जैसे-जैसे भर्ती की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे ही कुछ युवा मार्गदर्शन के अभाव में देखा - देखी इन दवाइयों का उपयोग स्टेमिना बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि कुछ तो उन दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं, जो घोड़ों के लिए उपयोग की जाती है। ट्रैक पर बने टॉयलेट्स में जाकर देखा तो वहां सिरिंजों का अंबार मिला। वहीं ट्रैक के किनारे एक बेसमेंट बना हुआ है, जहां पर तो जमीन पर नहीं सिरिंजों पर ही पैर रखा जा रहा था। उधर, दूसरी और ग्राउंड नंबर दो पर जहां खिलाड़ी अभ्यास करते हैं वहां ऐसा नहीं है। यह हाल सिर्फ उसी ट्रैक पर था, जहां सेना भर्ती के लिए युवा अभ्यास करते हैं।
कौन - से हैं इंजेक्शन
उमर उजाला टीम ने वहां ट्रैक के पास मिली कुछ दवाओं की खाली वेस्ट को लेकर एक्सपर्ट डॉक्टर को दिखाया, जिनके बारे में उन्होंने बताया कि ये इंजेक्शन ताकत बढ़ाने और एकदम चुस्ती स्फूर्ति बढ़ाने के लिए किए जाते हैं, जो खाली टीके थे उनमें विटामिन-सी, मेल हार्मोन टेस्टेस्टेरोन, प्रोटीन इंजेक्शन, स्टेरॉइड्स के अलावा दो टीके विदेशी मिले, जिनपर साल्ट तक नहीं लिखा था।
हृदय घात से अपाहिज तक कर सकती है यह लापरवाही : डॉक्टर
नागरिक अस्पताल के डॉ. शैलेंद्र डोगरा के अनुसार ऐसे इंजेक्शन बिना सलाह के इस्तेमाल करना जान जोखिम में डालने से कम नहीं है। इनमें एक इंजेक्शन मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरोन है, जिसको मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। एथलीट को इसका उपयोग न करने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह ट्रैक पर मिलना सवालिया निशान खड़े करता है। इस इंजेक्शन को साधारण व्यक्ति भी उपयोग नहीं कर सकता। केवल डॉक्टर की सलाह पर लिया जा सकता है और डॉक्टर के हस्ताक्षर के बाद ही बेचा जा सकता है। इसके अलावा शारीरिक आराम, चुस्ती-फुर्ती ताकत के लिए उपयोग होने वाले खिलाड़ियों के लिए वर्जित दवा वहां पर मिली। एक्सपर्ट के अनुसार ये सब दवाएं एक साधारण आदमी उपयोग करे तो शरीर का कोई भी हिस्सा खराब हो सकता है। दिल, गुर्दे, दिमाग, आंख, हृदय, रक्त चाप व रिएक्शन कर सकता है। किसी की भी जान ले सकता है।
गंदगी वाली जगह में और अधिक घातक
जिस जगह पर लोग सिरिंज का उपयोग कर रहे हैं वह बिल्कुल असुरक्षित है। एक्सपर्ट का कहना है कि जिस बाथरूम या फिर धूल भरे क्षेत्र में सिरिंज के संक्रमित होने का भय रहता है। इसके अलावा अगर खुद सिरिंज लगा रहे हैं और नहीं पता कि दवा मास में लगानी है या नस में तो कोई भी गलत उपयोग कर सकता है। अनट्रेंड होने के कारण नस क्रॉस भी हो सकती है। जिसके बुरे परिणाम निकलने तय हैं।
अभिभावकों से भी अपील
एक्सपर्ट की ओर से अभिभावकों से अपील की गई है कि अपने बच्चों इस उम्र में विशेष ध्यान रखना चाहिए। लोगों को ध्यान देना चाहिए कि वे कामयाबी के लिए छोटा रास्ता तो नहीं तलाश रहे हैं, जो उनके जीवन के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
खिलाड़ी नहीं बन सकते इन इंजेक्शन का इस्तेताल करने वाले
एक्सपर्ट का कहना है कि इन इंजेक्शन का उपयोग करने पर डोप टेस्ट में फेल हो जाते हैं। जिस कारण इनका उपयोग करने वाले युवक कभी खिलाड़ी भी नहीं बन पाएंगे।
प्रतिबंधित दवाओं को उपयोग करने वाले मेडिकल में हा जाएंगे फेल : एआरओ कर्नल रतनदीप खान
कर्नल रतनदीप खान ने बताया कि जो किसी भी प्रकार के ड्रग्स या फिर प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग करेगा वह फिजिकल तो पास कर सकता है, लेकिन मेडिकल पास करना संभव नहीं है। स्पेशल डॉक्टर्स की टीम जोकि डॉप टेस्ट करके उनको बाहर निकाल देगी। डोप टेस्ट में फेल होने पर अभ्यर्थी आगे के लिए भी भर्ती में भाग लेने के लिए प्रतिबंधित हो जाएगा।